प्रश्न १७८ : गुरुदेव, मुझे विश्वास है कि हम जैसा बोएंगे, वैसा ही काटेंगे। लेकिन कई उदाहरणों में हम देखते हैं कि एक व्यक्ति बुरे समय से गुजर रहा है, भले ही हमने उसके द्वारा की गई कोई बड़ी गलती न देखी हो। ऐसा क्यों होता है?
प्रश्न १७८ : गुरुदेव, मुझे विश्वास है कि हम जैसा बोएंगे, वैसा ही काटेंगे। लेकिन कई उदाहरणों में हम देखते हैं कि एक व्यक्ति बुरे समय से गुजर रहा है, भले ही हमने उसके द्वारा की गई कोई बड़ी गलती न देखी हो। ऐसा क्यों होता है?